
रायपुर। दिनांक 22 जुलाई 2026 कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री आवास के घेराव के आह्वान के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को राजधानी रायपुर में कांग्रेस कार्यालय का जोरदार घेराव कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार के कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल, भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस लोकतांत्रिक व्यवस्था को अस्थिर करने और राजनीतिक लाभ के लिए देश में भ्रम एवं टकराव का वातावरण बनाने का प्रयास कर रही है।
बारिश के बीच भी भाजपा कार्यकर्ताओं का उत्साह कम नहीं हुआ। हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय तक पहुंचे और शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध दर्ज कराया। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे तथा पुलिस बल की मौजूदगी में प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
प्रदर्शन के दौरान कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी लोकतंत्र, संविधान और कानून के शासन में विश्वास रखने वाली पार्टी है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध करना प्रत्येक राजनीतिक दल का अधिकार है, लेकिन विरोध के नाम पर अराजकता, हिंसा और संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाने की राजनीति स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार जनता के मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है और जब जनता उसका साथ नहीं दे रही है, तब वह संघर्ष और टकराव की राजनीति कर रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। ऐसे समय में कांग्रेस विकास के मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय राजनीतिक माहौल खराब करने का प्रयास कर रही है, जिसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना आवश्यक है।
भाजपा नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि देश की जनता अब नकारात्मक राजनीति से ऊपर उठकर विकास, सुशासन और पारदर्शिता की राजनीति को स्वीकार कर चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जनता का विश्वास खो चुकी है और इसी कारण लगातार ऐसे आंदोलनों के माध्यम से राजनीतिक अस्तित्व बचाने का प्रयास कर रही है।

प्रदर्शन में मौजूद नेताओं ने स्पष्ट किया कि भाजपा संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं के सम्मान के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेगी तथा देश में शांति, कानून-व्यवस्था और विकास के वातावरण को प्रभावित करने वाले किसी भी प्रयास का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करती रहेगी।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारे लगाए और कहा कि लोकतंत्र में संवाद और संवैधानिक प्रक्रिया ही किसी भी असहमति का उचित माध्यम है। हिंसा, अराजकता और टकराव की राजनीति से देश और समाज का कोई भला नहीं हो सकता।
राजधानी रायपुर में हुए इस प्रदर्शन को भाजपा ने लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए आयोजित जनआंदोलन बताया, जबकि कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे पर अलग राजनीतिक रुख अपनाया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।













